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पशुपालकों और गोवंशों के लिए वरदान से कम नहीं नेपियर घास-डीएम

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लखनऊ/बहराइच। जिलाधिकारी डा. दिनेश चन्द्र की नैपियर घास के प्रति चलायी जा रही मुहिम रंग लायी तो आने वाले समय में जिले के पशुलपालकों और गो आश्रय स्थल में पाले गये पशुओं के लिए हरे चारे का संकट कभी नहीं मंडरा पायेगा।

डीएम की पहल पर करीब एक साल पहले नेपियर घास के लिए पशुपालकों को जागरूक करने का काम शुरू कर दिया गया था, कुछ समय बाद इसके सकारात्मक परिणाम दिखाई देने लगे, जिससे अब जिले में इसके उत्पादन का लक्ष्य भी बढ़ा दिया गया है। नेपियर घास के लिए जिलाधिकारी खुद बारीकी से निगाह बनाये रखे हैं, जिसके क्रम में उन्होंने आज अपने सरकारी आवास पर नेपियर घास बीज वितरण केन्द्र की शुरूवात की, जिससे पशुपालकों को इस घास के बीज आसानी से मुहैय्या कराया जा सके। जिलाधिकारी बहराइच को चारा विशेषकर हरा चारा प्रबन्धन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरन्तर प्रयास कर रहे है। जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चन्द्र ने अपने सरकारी आवास पर तैयार किये गये नेपियर घास बीज की खेप को विकास खण्ड मिहींपुरवा के लिए रवाना किया। डीएम डॉ. चन्द्र ने ब्लाक मिहींपुरवा के ग्राम पंचायत मोतीपुर के ग्राम पंचायत अधिकारी को अपने आवास पर नेपियर घास बीज की गांठे सौपते हुए सुरक्षित बोआई एवं देख-भाल के सम्बन्ध में आवश्यक सुझाव भी दिये। इस अवसर पर डॉ. चन्द्र ने जिले के कृषकों से अपील की है कि हरा चारा प्रबन्धन के लिए नेपियर घास की अधिक से अधिक बोआई करें। वर्षा ऋतु का सीजन नेपियर घास की बोआई के लिए बहुत उपयुक्त है। डीएम ने कहा कि इसकी उपयोगिता का अन्दाजा इस बात से लगाया जा सकता है एक बार बोआई करने के बाद अगले 05 वर्षांे तक दसकी उपज प्राप्त की जा सकती है। एक तरह से नेपियर घास गोवंशों के वरदान है।

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