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देश में सरकारी नौकरी का क्या है हाल

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश में नौकरियों का मौका बनाने के लिए सेना में अग्निपथ स्कीम योजना लॉन्च की है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कुछ दिन पहले ट्वीट करके अगले डेढ़ साल में 10 लाख नौकरियां देने का ऐलान किया था। पीएम ने इसे मिशन मोड में पूरी करने की घोषणा की थी।
लेकिन जिस तरह से अग्निपथ योजना का पूरे देश में विरोध हो रहा है उससे लगता है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार फिर मुश्किल में दिख रही है। अब सवाल उठता है कि देश के सरकारी विभागों में कितनी नौकरियां हैं और कितने पद खाली हैं। तो आगे हम आपको बताते हैं कि किन विभागों और मंत्रालयों में कितने पद खाली हैं।
पिछले कई सालों से केंद्र सरकार नौकरी के रेगुलर पोस्ट की बहाली के मोर्चे पर धीमा रही है। सत्ताधारी दल के नेता प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी स्कीम (मनरेगा), प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, गरीब कल्याण रोजगार अभियान , आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना , पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना , दीनदयाल अंत्योदय योजना नेशनल अर्बन लाइवलीहुड मिशन के जरिए लोगों को रोजगार मिलने का दावा करते रहे हैं। लेकिन सरकारी नौकरी का क्रेज अभी भी देश में काफी ज्यादा है। इसे आप सरकारी नौकरी के विज्ञापन के लिए आने वाले आवेदनों से समझ सकते हैं। इसके अलावा सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले कोचिंग क्लासेज की संख्या से भी आप इसे समझ सकते हैं। सरकार रोजगार के मुद्दे पर विपक्षी दलों के लगातार निशाने पर है। यूपी चुनाव में कई नेताओं को रोजगार के मुद्दे पर लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा था। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की दो रैलियों में तो युवाओं ने सेना भर्ती चालू करो के नारे लगाए थे। ऐसे में मिशन मोड में 10 लाख नौकरियों की घोषणा को देश के युवा वोटरों की मांग को पूरी करने के नजरिए से देखा जा रहा है। पीएम मोदी ने नौकरियां देने की जो डेढ़ साल की अवधि बताई है, वह दिसंबर 2023 में खत्म होगी। जो लोकसभा चुनाव 2024 के चार महीना पहले है।
आम बजट 2022-23 के अनुसार केंद्र सरकार के कर्मचारियों की 1 मार्च 2022 तक कुल संख्या 36.65 लाख है। डिपार्टमेंट ऑफ एक्सपेंडिचर की वार्षिक रिपोर्ट (2019-20) के अनुसार 1 मार्च 2020 तक कुल 40.78 लाख स्वीकृत पदों में से करीब 21.75 प्रतिशत पद खाली हैं। भारतीय रेलवे सबसे बड़ा रोजगार देने वाला क्षेत्र है। 1 मार्च 2020 तक यहां 12.52 लाख लोग नौकरी कर रहे थे। 1 मार्च 2021 को रेलवे में 12.03 लाख और 1 मार्च 2022 तक यहां 12.01 लाख लोग नौकरी कर रहे थे। केंद्र सरकार के 92 प्रतिशत कर्मचारी 5 मंत्रालयों से आते हैं। इन 5 विभागों में रेलवे (करीब 40 प्रतिशत), गृह मंत्रालय (करीब 30 प्रतिशत), डिफेंस (सिविल) (करीब 12 प्रतिशत), डाक विभाग (करीब 5.50 प्रतिशत) और राजस्व विभाग (करीब 3 प्रतिशत) शामिल हैं। बड़े पैमाने पर केंद्र सरकार के मंत्रालय और विभाग अनुबंध के आधार पर लोगों को नौकरी देता है। पिछले दो पे कमिशन की सलाह पर ये नौकरियां दी जाती है। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री रामेश्वर तेली ने इस साल 21 मार्च को लोकसभा में एक सवाल के जवाब में कहा था कि 2021 तक केंद्र सरकार में 24.30 लाख अनुबंधित कर्मचारी काम करते हैं। 2020 में इसकी संख्या 13.24 लाख थे जबकि 2019 में इनकी संख्या 13.64 लाख लोग अनुबंध के आधार पर काम कर रहे थे। केंद्र सरकार के इन कर्मचारियों में मल्टी टास्किंग स्टाफ हैं। इसके अलावा इसमें कुछ रिटायर कर्मचारी भी शामिल हैं। रूञ्जस् कर्मचारी आम तौर पर ग्रुप डी के कर्मचारी होते हैं। इस समूह की भर्तियां अभी पूरी तरह रोक दी गई हैं। 6ठे पे कमिशन की अनुशंसा के आधार पर 30 अप्रैल 2020 को इस समूह को समूह सी के साथ मिला दिया गया है। इसमें कई ड्राइवर्स की नौकरी खत्म कर दी गई है और कई विभागों ने इसकी जगह बल्क में टैक्सी हायर कर लिया है।
3 फरवरी 2022 केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में 1 मार्च 2020 तक केंद्र सरकार के विभागों में 8 लाख 72 हजार, 234 पद खाली होने की जानकारी दी थी। पिछले साल 22 जुलाई को जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में केंद्र सरकार में खाली पद के बारे में ये जानकारी दी थी। सिंह ने बताया था कि 1 मार्च 2020 तक केंद्र सरकार के ग्रुप ए में 21 हजार 255, ग्रुप बी में 94 हजार 842 और ग्रुप सी में 7 लाख 56 हजार 146 पद खाली थे। इसमें ढ्ढ्रस् समूह के 1,515 पद 1 जनवरी 2021 तक खाली थे। कार्मिक एवं पेंशन विभाग (डीओपीटी) की 2020-21 की रिपोर्ट के अनुसार ढ्ढ्रस् पदों की स्वीकृत संख्या 6,746 है जबकि वास्तविक स्ट्रेंथ 5,231 है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 6 अप्रैल 2022 को राज्यसभा में कहा था कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों में टीचिंग के 6,558 और नॉन टीचिंग के 15,227 पद खाली हैं। पिछले साल सितंबर में प्रधान ने आदेश दिया था कि सभी खाली पद को अक्टूबर 2022 तक भरे जाएं।
कोरोना महामारी के कारण सेना ने 2020-21 और 2021-22 में भर्ती प्रक्रिया को स्थगित कर दिया था। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने पिछले साल 10 दिसंबर को लोकसभा में कहा था कि 7,476 पद अफसरों के खाली थे। इसके अलावा 91,177 पद जेसीओ और ओआर के खाली हैं। इसकी तरह एयरफोर्स में क्रमश: 621 और 4,850 पद खाली है। नौसेना में क्रमश: 1,265 और 11,166 पद खाली हैं। जब सेना में जनरल ड्यूटी के पदों पर भर्ती बंद है इसी दौरान केंद्र सरकार ने अग्निपथ स्कीम की घोषणा कर दी है।
जितेंद्र सिंह ने संसद में 3 फरवरी 2022 को एक जवाब में कहा था कि 2020-21 में 2.65 लाख लोगों को नौकरियां मिली हैं। इसमें केंद्रीय लोकसेवा आयोग के जरिए 13, 238, स्टाफ सेलेक्शन कमिशन के जरिए 1 लाख 330 और रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड के जरिए 1 लाख 51 हजार 900 लोगों को नौकरियां मिली है। केंद्रीय मंत्री के बयान के अनुसार रिक्तियों को भरने का अंतिम आदेश आखिरी बार 3 जून 2021 को जारी किया गया था। एक अन्य सवाल के जवाब में सिंह ने 17 मार्च 2022 को राज्यसभा में बताया था कि 1 जनवरी 2021 तक बड़ी संख्या में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी की बैकलॉग वकेंसी 10 बड़े मंत्रालय/विभागों में भरे नहीं जा सके हैं।
यूपीएससी और एसएससी सरकारी नौकरियां देने वाले दो अहम केंद्रीय संस्थान हैं। यूपीएससी के जरिए ग्रुप ए और ग्रुप बी की नौकरियां दी जाती हैं। इसके अलावा एसएससी केंद्र सरकार की सभी ग्रुप बी (नॉन गजटेड) और ग्रुप सी (नॉन टेक्निकल) भर्तियों को भरता है। एसएससी कई अन्य परीक्षाओं का भी आयोजन करता है। सिंह ने इस साल 6 अप्रैल को लोकसभा में बताया था कि यूपीएससी ने पिछले 5 साल में 27,764 पद निकाले थे और 24,836 पद भरे हैं। इसी दौरान एसएससी ने 1 लाख 85 हजार 734 पद निकाले थे और 1,74,744 पद भरे थे।
यूपीएससी की ताजा वार्षिक रिपोर्ट (2020-21) के अनुसार इसने 14 परीक्षाएं सिविल सर्विस पदों, डिफेंस सर्विस पदों के लिए आयोजित की गई थी। इसमें कुल 25.03 लाख छात्रों ने आवेदन किया था। 11.38 लाख छात्र परीक्षा में शामिल हुए और 3,986 का चयन किया गया। 2021-22 में यूपीएससी ने 4,699 लोगों की नियुक्ति की अनुशंसा की गई थी।
एसएससी की 2020-21 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, इसने 12 अखिल भारतीय स्तर पर परीक्षाओं का आयोजन किया था। इन पदों के लिए 1.08 करोड़ कैंडिडेट ने अलग-अलग स्टेज पर आवेदन किया था। एसएससी ने संयुक्त हायर सेकेंडरी लेवल की परीक्षा भी आयोजित की थी। 2019 में आयोजित इस परीक्षा में देशभर के 41.68 लाख कैंडिडेट शामिल हुए थे। अखिल भारतीय परीक्षा और अंतिम परिणाम में एसएससी ने कुल 68 हजार 533 कैंडिडेट्स की नियुक्ति की अनुशंसा की थी। इसके अलावा 2020-21 में 358 कैंडिडेट का सेलेक्शन पोस्ट के लिए चयन हुआ था। सिंह ने 6 अप्रैल 2022 को एक सवाल के जवाब सिंह ने बताया था कि 2021-22 में एसएससी मजह 29 हजार 653 पदों पर ही भर्ती कर पाया था। आरआरबी आमतौर पर रेलवे के ग्रुप सी के पदों को भरता है। वहीं इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सिलेक्शन राष्ट्रीय और ग्रामीण बैंकों में भर्तियां करते हैं। 2020-21 में 7,627 क्लर्क के पोस्ट पर भर्ती की जबकि 4,398 ऑफिसर पदों पर भर्ती की।

 

 

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