Breaking News

अगर आपको भी आ रही है हिचकी तो आजमाएं ये उपाय

Getting your Trinity Audio player ready...

नई दिल्ली। हिचकी आना छोटी-छोटी परेशानियां हैं जो हमें परेशान कर सकती हैं और हमें ठीक से काम करने से रोक सकती हैं. हिचकी आना भले ही कोई गंभीर समस्या न हो, लेकिन फिर भी यह काफी तकलीफदेह हो सकती है. तो, आज हम आपको यहां कुछ स्व-उपचार विधियों के बारे में बताते हैं जो हिचकी से छुटकारा पाने में आपकी सहायता कर सकती हैं. हिचकी, यदि 48 घंटे से अधिक समय तक रहती है, तो इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है, लेकिन आमतौर पर ऐसा नहीं होता है. ज्यादातर मामलों में हिचकी केवल कुछ ही मिनटों तक चलती है और आज हम आपको कुछ घरेलू उपचारों के बारे में बताते हैं, जो हिचकी रोकने में काफी कारगार साबित हो सकते हैं

हिचकी से पीड़ित व्यक्ति को आप हल्का सा डरा कर चौंका सकते हैं. या कोई व्यक्ति कुछ मनोरंजक या रोमांचक देख सकता है. ये सभी कार्य हिचकी के पैटर्न को तोड़ते हैं और आपको विचलित होने देते हैं.क्योंकि हिचकी हमारे डायाफ्राम के कार्य करने के परिणामस्वरूप होती है, इसलिए विभिन्न सांस तकनीकों को आजमाने से अक्सर काम होता है. पेपर बैग में सांस लेना या 10 सेकंड के लिए अपनी सांस रोकना इनमें से कुछ तरीके हैं. ये सांस लेने की तकनीक आपके रक्त में कार्बन डाइऑक्साइड के स्तर को बढ़ाती है, और इससे हिचकी बंद हो सकती है.
बर्फ का ठंडा पानी पीने से हमारी मांसपेशियों को आराम मिलता है जो ऐंठन और हिचकी का कारण बनती हैं. बर्फीला पानी डायाफ्राम को आराम देता है और अनैच्छिक ऐंठन को रोकता है जो स्वचालित रूप से हमारी हिचकी को रोकता है. हिचकी या हिच ध्वनि डायाफ्राम की ऐंठन के कारण होती है, एक मांसपेशी जो सांस लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. क्योंकि डायाफ्राम नियंत्रण में नहीं है, इस प्रक्रिया के कारण हमें सांस लेने में तकलीफ महसूस होती है.

 

Check Also

सेना के इस अफसर ने पीजीआई में रचा कीर्तिमान

Getting your Trinity Audio player ready... अभिषेक कुमार लखनऊ, (माॅडर्न ब्यूरोक्रेसी न्यूज)। कर्नल वरुण बाजपेयी …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *