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मोरबी पुल हादसे में 134 की मौत, जानिए खबर से जुड़ी हर अपडेट

नई दिल्ली। रविवार का दिन था… शाम के साढ़े छह बज रहे थे और लोग छुट्टी मनाने के लिए करीब 500 की संख्या में गुजरात के मोरबी शहर के हैंगिंग ब्रिज पर मौजूद थे. अचानक ब्रिज तेजी से हिलने लगा. कुछ ने कहा कि युवा लडक़ों ने उसे हिलाया.. तभी पुल टूट गया और देखते ही देखते उस पर मौजूद करीब 500 लोग नदी में समा गए. घटना के बाद आनन-फानन में राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया. शुरुआत में 10 लोगों के मरने की खबर आई, जो रात होते होते 100 तक पहुंच चुकी थी और अगली सुबह सोमवार यानी आज यह संख्या 134 तक पहुंच गई है. बचावकर्मी अभी भी दो लोगों की तलाश कर रहे हैं, जो लापता बताए जा रहे हैं. इस घटना के लिए जिम्मेदार 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि 5 लोगों को हिरासत में लिया गया है.
दरअसल, गुजरात के मोरबी शहर में माच्छू नदी पर बने केबल पुल के टूटने से मरने वालों की संख्या बढक़र सोमवार को 134 हो गई. हालांकि, गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने अभी तक 132 मौतों की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि बचावकर्मी दो लोगों की तलाश कर रहे हैं जो लापता बताए जा रहे हैं. उन्होंने पत्रकारों से कहा, माच्छू नदी में बचाव अभियान अंतिम चरण में हैं. यह जल्द ही खत्म हो जाएगा. ताजा जानकारी के अनुसार इस हादसे में 132 लोगों की जान चली गयी है तथा दो अब भी लापता हैं.

8 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही पुलिस

मोरबी पुल दुर्घटना मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 8 लोगों को हिरासत ले लिया है और उनसे पूछताछ शुरू कर दी है. पुलिस ने पुल के ठेकेदार, मैनेजर, सुरक्षाकर्मी, टिकट लेने वाले व अन्य को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. इस हादसे को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि जब 100 से 150 लोगों के पुल पर सवार होने की क्षमता थी तो 500 लोगों को वहां जाने की इजाजत क्यों दी गई. बता दें कि इस पुल पर घूमने के लिए 600 लोगों ने टिकट खरीदे थे.

कल मोरबी पहुंचेंगे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल यानि 1 नवंबर को मोरबी जाएंगे और पीडि़त परवारों से मुलाकात करेंगे. वह हादसे का जायजा लेंगे. वहीं, भारतीय जनता पार्टी के सूत्रों ने बताया कि इस हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मेादी ने राज्य विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सोमवार को अहमदाबाद में होने वाला अपना रोड शो रद्द कर दिया है. मोदी की उपस्थिति में मंगलवार को होने वाले पेज कमिटी सम्मेलन को भी रद्द कर दिया गया है.

बचाव में जुटीं 20 से ज्यादा टीमें

राज्य के सूचना विभाग ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के पांच दल, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के छह दल, वायु सेना का एक दल, सेना की दो टुकडिय़ां तथा भारतीय नौसेना के दो दलों के अलावा स्थानीय बचाव दल तलाश अभियान में शामिल हैं. तलाश अभियान रात से चल रहा है.
यह पुल करीब एक सदी पुराना था और मरम्मत एवं नवीनीकरण कार्य के बाद इसे आमजन के लिए पांच दिन पहले ही खोला गया था. पुल रविवार शाम करीब साढ़े छह बजे टूट गया. सांघवी ने राजधानी गांधीनगर से करीब 300 किलोमीटर दूर मोरबी में कहा कि राज्य सरकार ने पुल ढहने की घटना की जांच के लिए एक समिति गठित की है.

लाशें पीठ पर लादे दौड़ रहे थे लोग- चश्मदीद

प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि अंग्रेज़ों के समय का यह हैंगिंग ब्रिज जिस समय टूटा, उस समय उस पर कई महिलाएं और बच्चे मौजूद थे. एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि कुछ लोगों को पुल पर कूदते और उसके बड़े तारों को खींचते हुए देखा गया. उन्होंने कहा कि हो सकता है कि पुल उस पर लोगों की भारी भीड़ के कारण टूट कर गिर गया हो.
वहीं, मौके पर मौजूद एक महिला ने बताया कि हादसे को याद कर रूंह कांप जाती है. ऐसा पहले कभी नहीं देखा. कुछ लोग लाशों को पीठ पर लादे दौड़ रहे थे तो कुछ की चीखें सुनाई दे रही थीं. पानी में डूब रहे लोग मदद को चिल्ला रहे थे. हसीना नाम की महिला ने बताया कि उन्होंने लोगों को अस्पताल पहुंचाने के लिए अपनी गाड़ी दी और जो संभव मदद कर सकती थीं की.
प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि जान बचाने के लिए पुल की रस्सी पर लोग लटक गए और उसी के सहारे बाहर निकलने की कोशिश करते दिखे. जब यह हादसा हुआ तो बड़ी संख्या में लोग एक-दूसरे पर गिर पड़े. कई सीधे नदी में जा गिरे तो वहीं कुछ पुल के केबल के सहारे लटके नजर आए.

रात भर मौके पर रहे मुख्यमंत्री और गृह मंत्री

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी कई एजेंसियों द्वारा चलाए जा रहे बचाव अभियान पर नजर रखने के लिए रात भर मोरबी में रहे. प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया कि गुजरात में मौजूद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री पटेल और अन्य अधिकारियों से बात की है.

मुआवजे की घोषणा

मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से मृतकों के परिजन को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है. राज्य सरकार ने इस हादसे में मारे गए लोगों के परिजन को चार-चार लाख रुपए और घायलों को पचास-पचास हजार रुपए का मुआवजा दिए जाने की घोषणा की है.
एक स्थानीय अस्पताल में लोगों ने भीड़ होने से रोकने तथा एम्बुलेंस के लिए रास्ता साफ करने के लिए लोगों ने चेन बना ली. जिसके बाद पूरा इलाका एम्बुलेंस की आवाजों से गूंज उठा. सांघवी ने कहा कि पुल ढहने की घटना की जांच के लिए पांच सदस्यीय उच्चाधिकार समिति का गठन किया गया है. इसमें सडक़ एवं भवन विभाग के सचिव संदीप वसावा और चार अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं.
उन्होंने बताया कि जो भी इस घटना के लिए जिम्मेदार पाया जाएगा उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या), धारा 308 (इरादतन हत्या) और धारा 114 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी है. दीपावली की छुट्टी और रविवार होने के कारण पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहे इस पुल पर काफी भीड़ थी.

6 महीने की मरम्मत के बाद खुला था पुल

एक निजी संचालक ने लगभग छह महीने तक पुल की मरम्मत का काम किया था. पुल को 26 अक्टूबर को गुजराती नववर्ष दिवस पर जनता के लिए फिर से खोला गया था. एक अधिकारी ने बताया कि मरम्मत का काम पूरा होने के बाद इसे जनता के लिए खोला गया था लेकिन स्थानीय नगर निकाय ने अभी तक कोई फिटनेस प्रमाणपत्र जारी नहीं किया था.

मोरबी के राजा ने करवाया था निर्माण

मोरबी पुल का निर्माण साल 1880 में पूरा हुआ था. इसे मोरबी के राजा सर वाघजी ठाकुर ने बनवाया था और मुंबई के गवर्नर रह चुके रिसर्च टेम्पल ने इसका उद्घाटन किया था. 142 साल पहले इसे बनने में 3.5 लाख रुपये खर्च हुए थे. वाघजी ठाकुर ने 1922 तक मोरबी पर शासन किया था. 230 मीटर लम्बे इस पुल को दरबारगढ़ पैलेस और नजऱबाग पैलेस को आपस में जोडऩे के लिए बनाया गया था.

मौत का टिकट

गुजरात के मोरबी ब्रिज हादसे में मौत का सिलसिला अभी जारी है. अब तक 132 से अधिक मौत की पुष्टि हो चुकी है. आशंका है कि अभी भी काफी लाशें निकल सकती हैं. तीन दिन पहले ही खुले इस पुल पर सरकार ने बच्चों के लिए 12 रुपये तो बड़े लोगों के लिए 17 रुपये का टिकट लगाया था. ऐसे में मौत के शिकार हुए ये तमाम लोगों ने पुल पर चढऩे से पहले ही अपनी मौत का टिकट कटा लिया था. मच्छू नदी पर बने इस पुल पर हुए हादसे के वक्त छह सौ से अधिक लोग बकायदे टिकट लेकर छठ पूजन के लिए आए थे.

कंपनी की लापरवाही ने ले ली 141 लोगों की जान

142 साल पुराने इस पुल के मरम्मत के लिए ओरेवा नाम की कंपनी को ठेका दिया गया था. पुल को मैनेज करने की जिम्मेदारी इसी कंपनी के पास थी, जिसने कमाई की जल्दी में बिना फिटनेस सर्टिफिकेट ही पुल को जनता के लिए खोल दिया. कंपनी को इसे खोलने की अनुमति भी नहीं दी गई थी.
पुल की हालत खराब होने की वजह से सरकार ने 7 महीने पहले इस पर लोगों की आवाजाही को बंद कर दिया था. इसके बाद इसकी मरम्मत के लिए टेंडर जारी किया गया और टेंडर पाने में ओरेवा कंपनी ने सफलता हासिल की लेकिन बिना क्वालिटी चेक के ही पुल को खोल दिया गया. अधिकारियों की मानें तो सरकार इस पुल का उद्घाटन भी कराना चाहती थी.

रात में ही मौके पर पहुंचे मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल रविवार रात दुर्घटनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने सिविल अस्पताल में घायलों से मुलाकात भी की. राज्य सरकार ने इस हादसे में मारे गए लोगों के परिजन को चार-चार लाख रुपए और घायलों को पचास-पचास हजार रुपए का मुआवजा दिए जाने की घोषणा की है.

पीएम मोदी ने रद्द किया अपना कार्यक्रम

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सूत्रों ने बताया कि इस हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मेादी ने राज्य विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सोमवार को अहमदाबाद में होने वाला अपना रोड शो रद्द कर दिया है. उन्होंने बताया कि मोदी की उपस्थिति में मंगलवार को होने वाले पेज कमिटी सम्मेलन को भी रद्द कर दिया गया है. वहीं, कांग्रेस ने कहा कि सोमवार को राज्य के पांच जोन से गुजरने वाली उसकी परिवर्तन संकल्प यात्रा को एक दिन के लिए स्थगित कर दिया गया है.

 

 

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