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सीतापुर में पुलिस कस्टडी में युवक की मौत, बसपा नेता की हत्या में था नामजद

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लखनऊ। सीतापुर में पुलिस हिरासत में एक युवक की मौत हो गई। बसपा नेता की हत्या में पुलिस ने बुधवार को उठाया था। बुधवार-गुरुवार देर रात परिजनों को युवक की मौत की खबर मिली। इसके बाद गुस्साए परिजनों ने हंगामा कर दिया। उन्होंने पुलिस की पिटाई से युवक की मौत मौत का आरोप लगाया। मामला पिसावां थाना क्षेत्र के जिगिनिया गांव का है।
एएसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि बसपा नेता की हत्या में 6 लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसमें राजू पुत्र हरादयाल का नाम भी शामिल था। पुलिस टीम राजू को हिरासत में लेकर थाने ला रही थी तभी उसकी तबियत बिगड़ गई। आनन-फानन में पुलिस कर्मी उसे जिला अस्पताल ले गए, जहां उसकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले कानपुर में 13 दिसंबर को युवा व्यवसायी की हत्या हो गई थी। मामले में 9 पुलिसकर्मी को सस्पेंड कर दिया गया था।
जिगिनिया गांव का रामलोटन(40) पुत्र वेदनाथ बसपा के सेक्टर प्रभारी थे।वह पत्नी के साथ घर में रहते थे। उनका पुत्र कानपुर में रहकर नौकरी करता है। बुधवार शाम 4 बजे रामलोटन पत्नी से खेत पर जाने की बात कहकर निकले थे। देर शाम जब वह घर नहीं लौटे तो परिजनों ने उनके नंबर पर संपर्क किया। नंबर स्विच ऑफ जा रहा था। इस पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू कर दी। देर रात रामलोटन का शव घर से खेत जाने वाले चकमार्ग पर लहूलुहान पड़ा मिला था। चेहरे पर चोट के निशान थे।
रामलोटन के परिजनों ने गांव के ही 6 लोगों विजय शंकर, विपिन, आदित्य, राजू पुत्र हरदयाल, राम गोविंद और वेद प्रकाश पर हत्या का शक जताते तहरीर दी थी। पुलिस ने सभी पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। बुधवार देर रात गांव के ही नामजद आरोपियों में से राजू पुत्र जवाहर को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए उठाई। देर रात परिजनों को सूचना मिली कि राजू की मौत हो गई है।
मृतक के मां ने कहा, पुलिस ने मेरे बेटे की हत्या कर दी है। मेरा बेटा चोर-बदमाश नहीं था। वह मेहनत मजदूरी कर घर का खर्चा चलाता था। उसकी शादी होने वाली थी। बुधवार देर शाम वह बारात जाने की तैयारी कर रहा था। तभी पुलिस आई और अपने साथ जीप में बैठाकर ले गई। पुलिस ने कहा कि गांव में हुई हत्या के मामले में पूछताछ करना है। थोड़ी देर बाद पता चला कि तबीयत खराब होने से बेटे की मौत हो गई। बेटा घर से ठीक गया था तो रास्ते में उसकी तबीयत कैसे खराब हो जाएगी?
जिला अस्पताल के डॉक्टर राहिल का कहना है कि पुलिस राजू नामक के युवक को लेकर अस्पताल आई थी। उसकी अस्पताल आने से पहले ही मौत हो गई थी। डॉक्टर ने शरीर पर चोटों सहित अन्य सवालों के जवाबों के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का हवाला दिया है।
एएसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया की बसपा नेता की हत्या के मामले में गांव के ही नामजद आरोपियों में से राजू पुत्र जवाहर को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ के लिए घर से ले आई। देर रात राजू की तबीयत बिगड़ते ही पुलिस और चौकीदार सन्त राम पिसावां सीएचसी पहुंचे, जहां से डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में राजू का प्राथमिक टेस्ट करते हुए डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों का पैनल राजू का पोस्टमॉर्टम करेगा। पूरे मामले की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।

 

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