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किसानों की समस्याओं की जानकारी कर तत्परता से करे समाधान- आईएएस हीरा लाल

लखनऊ/बहराइच, (माॅडर्न ब्यूरोक्रेसरी न्यूज)। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के सरयू नहर परियोजना फेज-3 अन्तर्गत शुक्रवार को ब्लाक मिहींपुरवा की ग्राम पंचायत मधवापुर में आयोजित कुलाबा बैठक की अध्यक्षता करते हुए ग्रेटर शारदा सहायक समादेश क्षेत्र विकास प्राधिकारी व परियोजना के अध्यक्ष डॉ. हीरा लाल आईएएस कृषकों का आहवान किया कि पर्यावरण व जल संरक्षण के दृष्टिगत वौछारीय सिंचाई को अपनायें तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए घर के पास सोकपिट बनाएं तथा प्लास्टिक से निर्मित वस्तुओं के सेवन से बचंे। डॉ. हीरा लाल ने कृषकों को अधिकाधिक पौध रोपित करने की सलाह देते हुए ऐसा करने से वर्यावरणीय समस्याओं से निजात पायी जा सकती है।

बैठक का संचालन करते हुए भूमि सरंक्षण अधिकारी बहराइच प्रथम व तृतीय सुश्री आकांक्षा यादव विभागीय योजना का विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि पीएम कृषि सिंचाई योजना के तहत कृषकों को सिंचाई के लिए कच्ची व पक्की गूल तथा आवश्यकतानुसार संरचनाएं बनायी जाती है जिसे कुलावा कमाण्ड के किसानो के खेतों तक पानी की पहुंच आसान हो सके। सुश्री यादव ने बताया कि जनपद में नहरों से सिंचाई करनें के लिए 7800 मी. पक्की नाली का निर्माण कार्य किसानों एवं प्रधानों के सहयोग से पूर्ण कराया गया है। अध्यक्ष डॉ. लाल ने विभागीय कार्मिकों को निर्देश दिया कि क्षेत्र भ्रमण कर किसानों की समस्याओं की जानकारी कर तत्परता के साथ निराकरण करायें। कृषक सुनील कुमार ने अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि नाली निर्माण के पश्चात् उत्पादन क्षमता अधिक हुई है। कृषकों की ओर से सुझाव प्राप्त हुआ कि आउट लेट में पाइप लगाकर ढक्कन लगा दिया जाये ताकि सिंचाई के बाद इसे बन्द किया जा सके।

इस सम्बन्ध में उप निदेशक डी.पी. शुक्ला ने कृषकों को बताया कि पाईप लगा देने से नाली में पानी का फोर्स कम होने से फसलों की सिंचाई में अधिक समय लगेगा। अध्यक्ष डॉ. लाल ने विभागीय अधिकारियों विशेषकर सहायक भूमि निरीक्षकों को निर्देश दिया गया कि जल प्रबन्ध समिति के सभी पद्ाधिकारियो के नाम व मोबाइल नम्बर अपने पास सुरक्षित रखें तथा क्षेत्र भ्रमण के दौरान ग्राम प्रधान व प्रगतिशील किसान एव अन्य लोगों से सम्पर्क कर उन्हें अपना मोबाइल नम्बर अवश्य दें तथा उनसे दूरभाष पर फीड बैक प्राप्त करते रहें। अध्यक्ष डॉ. लाल ने निर्देश दिया कि कुलावा कमाण्ड क्षेत्र के किसानो की शिकायत प्राप्त करने हेतु भूमि संरक्षण अधिकारी, अवर अभियन्ता व सहायक भूमि सरंक्षण निरीक्षक का नाम, पदनाम व मोबाइल नम्बर कुलावा के सिस्टर्न के पैरापिट वाल पर लिखवाया जाय। भूमि संरक्षण अधिकारी सुश्री यादव ने अध्यक्ष को अवगत कराया कि उर्रा माइनर पर सिंचाई विभाग द्वारा पूर्व में निर्मित करायी गयी पक्की नाली पूर्णतयः क्षतिग्रस्त होने के कारण सिंचाई योग्य न होने के सम्बन्ध उप निदेशक श्री शुक्ला द्वारा निर्देश दिया गया कि यदि नहर व कुलावा डीपीआर में शामिल हो तो जल प्रबन्ध समिति से प्रस्ताव लेकर मुख्यालय को पत्रावली प्रेषित करें। उप जिलाधिकारी, मिहीपुरवा संजय कुमार ने कुलाबा बैठक में मौजूद ग्रामवासियों व कृषकों को सुझाव दिया कि पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करें, सिंचाई के लिए बनायी गई नालियों की अपने स्तर पर देखभाल करें ताकि खेतों तक आसानी से पानी पहुंचता रहे। अधि.अभि. अनिल गुप्ता ने किसानों को सुझाव दिया कि सिंचाई के लिए कभी भी पक्के व कच्चे निर्माण को क्षतिग्रस्त न करें, सिंचाई के लिए नहरों को कदापि न काटे इससे दूसरे किसानों के फसल को अपूर्णीय क्षति होती है।

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