Breaking News

….सरकार ने रद्द किए 2 करोड़ राशन कार्ड

Getting your Trinity Audio player ready...

नई दिल्ली। आज देश में करोड़ों लोग राशन वितरण प्रणाली के तहत प्रदान की जाने वाली सेवा का लाभ उठा रहे हैं। लेकिन ताजा जानकारी के मुताबिक देश में करीब 2 करोड़ राशन कार्ड रद्द कर दिए गए हैं. राज्यसभा में सांसद सुशील कुमार मोदी के सवाल के बाद बड़ी जानकारी सामने आई है. जिनके सवाल पर खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने बड़ी जानकारी साझा की है. जिसमें उन्होंने बताया है कि देश भर में 2017 से 20-21 तक पिछले पांच वर्षों में कुल 2 करोड़ 41 लाख राशन कार्ड रद्द किए गए हैं. उन्होंने बताया कि अकेले बिहार राज्य में सात लाख 10 हजार राशन कार्ड रद्द किए जा चुके हैं. साथ ही पात्र राशन कार्ड धारकों का डाटा बैंक भी तैयार किया जा रहा है।
इस सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 1.42 करोड़ राशन कार्ड रद्द किए गए हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र राज्य में 21.03 लाख राशन कार्ड रद्द कर दिए गए हैं। जितने भी राशन कार्ड रद्द किए गए, सभी कहीं न कहीं फर्जी बनाए गए। जो अपात्र होते हुए भी राशन वितरण व्यवस्था का लाभ उठा रहे थे। केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि राशन वितरण सेवा का लाभ पात्र लोग ही लें तो यह सेवा अधिक समय तक चल सकती है. योजना में फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद अब विभाग राशन कार्डों का सत्यापन भी करवा रहा है. जिसके बाद कुछ और राशन कार्ड भी रद्द किए जा सकते हैं।
इससे पहले यूपी में राशन कार्ड धारकों के कार्ड सरेंडर करने की खबर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। इस खबर में दावा किया जा रहा था कि अपात्र राशन कार्ड धारकों को तहसील में जाकर राशन कार्ड सरेंडर करना होगा। नहीं तो उनसे सरकार द्वारा राशन की वसूली की जाएगी। हालांकि बाद में इस पर सफाई देते हुए बताया गया कि यूपी की योगी सरकार ने ऐसा कोई नियम नहीं बनाया है. ऐसे में आला अधिकारियों ने लोगों से अपील की थी कि वे इस खबर को लेकर डरें नहीं. क्योंकि लोगों के मन में एक डर बस गया था कि क्या उन्हें वास्तव में अपने द्वारा लिया गया राशन वापस करना होगा।

Check Also

रैली निकालकर दिया मतदाता जागरूकता का संदेश

Getting your Trinity Audio player ready... लखनऊ/उन्नाव,(माॅडर्न ब्यूरोक्रेसी न्यूज)ः केंद्रीय संचार ब्यूरो, सूचना एवं प्रसारण …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *