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फॉरेंसिक विषयों के पहलुओं को छात्रों ने बारीकि से समझा

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लखनऊ,(माॅडर्न ब्यूरोक्रेसी न्यूज)ः उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस लखनऊ के छात्रों का एक दल (सीडीएफडी) सेंटर फॉर डीएनए फिंगर प्रिंटिंग एंड डायग्नोस्टिक हैदराबाद में एक सप्ताह का व्यावहारिक प्रशिक्षण सफलता के साथ पूर्ण किया। यूपीएसआईएफएस के इस छात्र दल में एक दर्जन से अधिक छात्रों ने प्रतिभाग किया था जो संस्थान के फॉरेंसिक विषयों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
सीडीएफडी में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करने गए छात्र दल का संस्थान के उप निदेशक चिरंजीव मुखर्जी ने नेतृत्व किया। सीडीएफडी हैदराबाद में इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुखर्जी ने कहा कि कि वैश्विक प्रदर्शन और करियर में उन्नति के लिए यूपीएसआईएफएस प्रतिबद्ध है। इस सहयोगात्मक प्रयास से न केवल भाग लेने वाले छात्रों के कौशल को समृद्ध किया जा सकता है बल्कि फोरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में कई अवसरों के द्वारा भी खोले जा सकते हैं। उन्होने कार्यक्रम में कहा कि 13 फरवरी 2024 को यूपीएसआईएफएस के निदेशक डॉ0 जी.के. गोस्वामी द्वारा सीडीएफडी के निदेशक डा0 संगीता मुखोपाध्याय के बीच एमओयू साइन किया गया था उसके परिणाम स्वरूप यूपीएसआईएफएस के छात्र दल को यह पहला मौका मिला था। इस कार्यक्रम में सीडीएफडी के निदेशक डॉ. उल्लास कोलथुर-सीताराम के नेतृत्व में, प्रभारी डॉ. मधुसूदन रेड्डी के साथ, फोरेंसिक विज्ञान के एक महत्वपूर्ण पहलू डीएनए फिंगरप्रिंटिंग पर गहराई से चर्चा की गयी। कार्यक्रम का समापन एक समारोह से हुआ जिसमें यूपीएसआईएफएस के उप निदेशक चिरंजीव मुखर्जी ने भाग लिया। यूपीएसआईएफएस द्वारा दोनों संस्थानों के बीच सहयोगात्मक भावना और फोरेंसिक शिक्षा में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए उनकी साझा प्रतिबद्धता पर जोर दिया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न पाठ्यक्रमों में छात्रों के लिए अद्वितीय अवसर प्रदान करने के लिए यूपीएसआईएफएस के निदेशक डॉ. जी.के. गोस्वामी के अटूट समर्पण को संबोधित किया। उन्होंने वैश्विक प्रदर्शन और करियर में उन्नति के लिए यूपीएसआईएफएस की प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए विदेशी प्रशिक्षण और रोजगार की संभावनाओं को भी रेखांकित किया। यूपीएसआईएफएस के निदेशक डॉ0 जी.के. गोस्वामी (आईपीएस) ने व्यावहारिक प्रशिक्षण सफलफता पूर्वक सम्पन्न होने पर छात्रों के प्रथम दल को बधाई दी । उन्होंने बताया कि सीडीएफडी में यह कार्यशाला पूरी तरह से नमूना संग्रह से लेकर डीएनए प्रोफाइल तैयार करने तक डीएनए फिंगरप्रिंटिंग की प्रक्रियाओं पर आधारित थी। सीडीएफडी में यूपीएसआईएफएस के छात्रों ने फोरेंसिक से संबंधित उन सभी आवश्यक बारीकियों को सीखा जिसे फॉरेंसिक के क्षेत्र में पहलकर साक्ष्य के रूप में संग्रह करना और उसे न्याय दिलाने में मजबूत साक्ष्य के रूप में खड़ा किया जा सकता है। डॉ0 गोस्वामी ने यह भी बताया कि छात्रों ने फिनोल, क्लोरोफॉर्म और आइसो-एमाइल अल्कोहल (पीसीआई) का उपयोग करके डीएनए निष्कर्षण की विभिन्न विधियों जैसे कार्बनिक विधि को सीखा और चुंबकीय मनका आधारित तरीके और जेल इलेक्ट्रोफोरेसिस और रियल-टाईम पीसीआर द्वारा डीएनए मात्रा निर्धारण के बाद एसटीआर एम्प्लिफिकैसन और जीनोटाइपिंग द्वारा डीएनए प्रोफाइल तैयार करना भी सीखा। सीडीएफडी में कार्य कुशलता एवं दक्षता के लिए यूपीएसआईएफएस के छात्रों को निदेशक डॉ उल्लास कोलथूर सीताराम के नेतृत्व में प्रभारी डॉ मधुसूदन रेड्डी सीडीएफडी द्वारा सर्टिफिकेट देकर पुरस्कृत भी किया गया।

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