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नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम और पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कभी यह कहा था कि अगर अनुच्छेद 370 को खत्म किया गया, तो कश्मीर घाटी में खून की नदियां बहेंगी और वहां भारत के राष्ट्रीय ध्वज को अपने कंधे पर उठाकर चलने वाला कोई नहीं मिलेगा।
वहीं महबूबा ने बीते दिनों ये एलान भी किया था कि जब तक 370 को वापस लागू नहीं किया जाता, तो वह चुनाव नहीं लड़ेंगी। दूसरी ओर अब महबूबा मुफ्ती को भगवान राम याद आने लगे हैं, वह अब धमकीबाजी छोड़ रामायण की एक चौपाई के जरिए 370 की वापसी की गुहार लगा रही हैं। जानकारी के अनुसार महबूबा मुफ़्ती ने कहा कि 1947 में भारतीयों ने जम्मू-कश्मीर के मूल निवासियों से वादा किया था।
यह वादा अब सुप्रीम कोर्ट में परीक्षण से गुजर रहा है, वहीं महबूबा ने कहा कि 370 पर सुनवाई भारत के लोगों से संबंधित है। आगे उन्होंने कहा कि ये देश बहुसंख्यकवाद नहीं, संविधान से चलेगा। महबूबा के मुताबिक अनुच्छेद 370 का मसला भारत के लोगों और 1947 में कश्मीरियों से किए गए वादे से जुड़ा है। वहीं उनको सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा है।
वहीं महबूबा मुफ्ती ने कहा कि मैं कोर्ट से अपील कर रही हूं कि भारत हमेशा रघुकुल रीत सदा चली आई, प्राण जाए पर वचन न जाई के सिद्धांत पर चलता रहा है। आगे महबूबा ने कहा कि मैं उन लोगों की बात नहीं कर रही, जो जय श्रीराम के नाम पर हत्या करते हैं। पीडीपी नेता ने कहा कि मैं बहुसंख्यकों की बात कर रही हूं जो रघुकुल रीत सदा चली आई, प्राण जाए पर वचन न जाई पर भरोसा करते हैं।
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