कर्नाटक में सीखेंगें रेशम कीट पालक अपने उद्योग की बारीकियां-राकेश सचान

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लखनऊ,(माॅडर्न ब्यूरोक्रेसी न्यूज)ः उत्तर प्रदेश के एमएसएमई, रेशम उद्योग, खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान ने रेशम विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि रेशम कीट पालकों के प्रशिक्षण पर ध्यान दिया जाना बहुत जरूरी है, जितना अधिक प्रशिक्षण दिया जाएगा इस खेती से जुड़े कृषकों को उतना ही अधिक लाभ होगा। इसके लिए कृषकों को समय-समय पर कर्नाटक भेज कर प्रशिक्षण कराया जाए।
उत्तर प्रदेश के रेशम उद्योग मंत्री राकेश सचान ने यह निर्देश आज यहाँ खादी भवन में वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से रेशम विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए दिया। श्री राकेश सचान ने निर्देश दिया कि रेशम की खेती से जुड़े हुए किसानों को प्रशिक्षण की आवश्यकता को देखते हुए प्रदेश में एक और नया प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना हेतु स्थान का चयन कर लिया जाए। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में रेशम किसानों के प्रशिक्षण हेतु उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में प्रशिक्षण केंद्र पहले से स्थापित है, जहां पर गर्मी के मौसम में प्रशिक्षण कार्य बाधित होता है। श्री सचान ने कहा कि रेशम की खेती से अधिक से अधिक किसानों को जोड़ते हुए इसके उत्पादन तथा उत्पादकता को और अधिक बढ़ाये जाने की आवश्यकता है। वर्तमान में रेशम उत्पादन की दर अपेक्षानुरूप नहीं है, प्रदेश में रेशम के उत्पादन में प्रतिवर्ष 50 से 60 टन की वृद्धि लायी जाय। प्रदेश में रेशम की मांग एवं उत्पादन के अंतर को कम करने के लिए एनजीओ और एफपीओ को जोड़ा जाए, परियोजना को केंद्रीय रेशम बोर्ड, भारत सरकार से स्वीकृत भी कराया जाए। श्री राकेश सचान ने केंद्रीय रेशम बोर्ड भारत सरकार द्वारा सहायतित सिल्क समग्र परियोजना के संबंध में निर्देश दिया कि इस योजना को पारदर्शिता के साथ लागू किया जाए एवं भूमिहीन रेशम कीट पलकों हेतु निर्धारित लक्ष्य को जल्द से जल्द पूर्ण किया जाए तथा एरी रेशम सेक्टर के अंतर्गत आने वाले जनपदों के लक्ष्य को बढ़ाया जाए। श्री राकेश सचान ने रेशम विभाग द्वारा कराये जाने वाले वृक्षारोपण के संबंध में कहा कि वृक्षारोपण कराने के साथ साथ लगाए गए वृक्षों का संरक्षण बहुत अधिक जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिया कि विगत वर्ष जो वृक्षारोपण कराया गया था उसका शतप्रतिशत सत्यापन कराया जाए, जीवितता की रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया। रेशम विभाग को इस वर्ष वृक्षारोपण हेतु 14 लाख 19 हजार का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, इसकी समस्त तैयारियाँ अभी से कर ली जाएँ। वृक्षारोपण में जन भागीदारी को बढ़ाये जाने की आवश्यकता है। इसके साथ ही उन्होंने समीक्षा बैठक मे यह भी निर्देश दिया की सेवानिवृत्त कार्मिकों के समस्त देयकों का निस्तारण सेवानिवृत्ति के दिन ही किया जाए।

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