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नई दिल्ली। कुकी-ज़ोमी के 10 विधायकों ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर हिंसा प्रभावित मणिपुर के 5 पहाड़ी जिलों के लिए अलग-अलग डीजीपी और मुख्य सचिव पद की मांग की। तीन पन्नों के पत्र में विधायकों ने कहा कि राज्य में विनाशकारी हमलों के मद्देनजर चुराचांदपुर, कांगपोकपी, चंदेल, तेन्नौपाल और फेरज़ावल जिलों के लिए एक अलग डीजीपी और सीएस होना चाहिए। कुकी-ज़ोमी समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले विधायकों ने कहा कि उनके लोगों को निशाना बनाकर मानवाधिकारों के उल्लंघन, निर्दोष लोगों की हत्या, आगजनी, संपत्तियों को नष्ट करने और गांवों को जलाने की एक लंबी सूची रही है।
विधायकों जिनमें से 7 भाजपा से हैं उन्होंने दावा किया कि इंफाल कुकी लोगों के लिए मौत और विनाश की घाटी बन गया है। हस्ताक्षरकर्ताओं में हाओखोलेट किपगेन, लेटपाओ हाओकिप, एलएम खाउते, नेमचा किपगेन, नगुर्सांगलुर सनाटे, पाओलिएनलाल हाओकिप, चिनलुनथांग, लेटज़मांग हाओकिप, किम्नेओ हाओकिप हैंगशिंग और वुंगज़ागिन वाल्टे शामिल थे। विधायकों ने जातीय संघर्ष के बाद कुकी-ज़ोमी लोगों के पुनर्वास के लिए प्रधानमंत्री राहत कोष से 500 करोड़ रुपये की भी मांग की। राज्य में मई में मेइतेई और कुकी के बीच जातीय संघर्ष शुरू हुआ और तीन महीने से अधिक समय से जारी है, जिसमें 160 से अधिक लोगों की मौत हो गई।
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