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रामपुर। आयकर विभाग की टीम ने एक बार फिर जौहर यूनिवर्सिटी में इमारतों का मूल्यांकन किया। टीम के साथ केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर भी हैं। आयकर विभाग की टीम ने महीनेभर पहले भी जौहर यूनिवर्सिटी में जांच पड़ताल की थी। इमारतों का मूल्यांकन भी किया था।
जौहर यूनिवर्सिटी समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खां का ड्रीम प्रोजेक्ट है। वह इसके संस्थापक होने के साथ ही कुलाधिपति भी हैं। यूनिवर्सिटी को मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट संचालित करता है, जिसके आजम खां अध्यक्ष हैं। उनकी पत्नी सचिव और दोनों बेटे सदस्य हैं। आयकर की टीम ने 13 सितंबर को जौहर ट्रस्ट की जांच पड़ताल के संबंध में ही आजम खां के घर छापामारी की थी।
आजम के साथ ही ट्रस्ट के अन्य सदस्यों के यहां भी तीन दिन तक जांच पड़ताल की थी। उस समय टीम यूनिवर्सिटी भी पहुंची थी और इमारतों का मूल्यांकन कराया था। अब फिर लखनऊ से टीम आई है और साथ में सीपीडब्ल्यूडी के इंजीनियर भी लाई है।
इंजीनियर इस बात का पता लग रहे हैं कि यूनिवर्सिटी में बनी इमारतों की कीमत कितनी है। सपा शासन काल में भी यूनिवर्सिटी में बनी इमारत को लेकर श्रम विभाग की ओर से नोटिस दिया गया था। तब इनकी कीमत दो हजार करोड़ आंकी गई थी, लेकिन आजम खां ने इस पर आपत्ति जताई थी।
भाजपा शासन में इसकी कीमत कम कर दी गई। फिर भी लेबर सेस जमा नहीं किया गया। इसपर प्रशासन ने यूनिवर्सिटी की इमारतें सील कर दी थीं । बाद में लेबर सेस जमा करने पर ही इमारतों की सील खोली गई थीं। आजम खां, उनकी पत्नी और बेटे को अदालत ने बुधवार को ही सात साल की सजा सुनाई है। अब तीनों ही जेल में हैं। इनके जेल जाने के बाद ही टीम फिर पहुंच गई।
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