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नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने अब्बास अंसारी की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है. अब्बास ने जमीन हथियाने के मामले में अपने खिलाफ दर्ज मुकदमा रद्द करने की मांग की थी.
इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अब्बास अंसारी को राहत देने से इनकार कर दिया था. जिस पर अब्बास ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. वहीं लखनऊ की जियामऊ में अवैध तरीके से ज़मीन हथियाने से जुड़े इसी मामले में मुख्तार के दूसरे बेटे उमर अंसारी को अग्रिम जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट 19 मई को मना कर चुका है.
हालांकि कुछ दिनों परगले मुख्तार अंसारी को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गैंगस्टर मामले में जमानत दी थी. साथ ही गाजीपुर एमपी एमएलए कोर्ट से लगाए गए 5 लाख के जुर्माने पर भी रोक लगा दी थी. लेकिन हाई कोर्ट ने सजा पर रोक नहीं लगाई है. सजा पर सुनवाई पहले की तरह जारी ही रहेगी.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी होने के बाद 20 सितंबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. बता दें कि मुख्तार अंसारी ने हाईकोर्ट में 10 साल की मिली सजा को चुनौती दी थी. यह सजा एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट ने 29 अप्रैल को गैंगस्टर केस में सुनाई थी.
वहीं मुख्तार अंसारी के वकील उपेंद्र उपाध्याय ने कोर्ट को बताया था कि मुख्तार 12 साल 4 महीने से जेल में बंद हैं. उनकी दलील थी कि जितनी सजा उन्हें सुनाई गई है उससे ज्यादा तो वो ट्रायल के दौरान ही भुगत चुके हैं. वहीं इसके बाद कोर्ट ने बांदा जेल अधीक्षक से भी रिपोर्ट मांगी.
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