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लखनऊ,(मॉडर्न ब्यूरोक्रेसी न्यूज)ः उ0प्र0 राज्य निर्माण एवं ग्राम विकास सहकारी संघ लि0 (यूपीसीएलडीएफ) को प्रभावी बनाये जाने, संस्था द्वारा कराये जा रहे कार्यों को निर्धारित गुणवŸा, मानक व समय पर पूर्ण कराये जाने तथा संस्था का लाभ बढ़ाये जाने के उद्देश्य से संस्था की वार्षिक सामान्य निकाय की बैठक मरकरी हॉल इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमती नगर, लखनऊ में सम्पन्न हुयी।
बैठक के दौरान मुख्य अतिथि सहकारिता राज्यमंत्री (स्वंतत्र प्रभार) जे0पी0एस राठौर ने कहा कि वार्षिक सामान्य निकाय की बैठक से संस्थाओं में वित्तीय अनुशासन बना रहता है, वित्तीय अनियमितता रूकती है। विŸाय अनुशासन बनाये रखने के लिए सभी सहकारी संस्थाओं की सामान्य निकाय की बैठक नियमित होनी चाहिये। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद संघ की बैठक 2025 में हो रही है। श्री राठौर ने कहा कि संस्था को पुर्नजीवन प्रदान करते हुये दिसम्बर, 2018 में संघ को अनन्तिम रूप से राजकीय निर्माण एजेन्सी घोषित करते हुये मानकीकृत निर्माण कार्यां हेतु सीमा लागत रू0 5.00 करोड़ तथा गैर मानकीकृत कार्यों के लिए सीमा लागत रू0 2.50 करोड़ निर्धारित की गयी। तत्समय वर्ष 2017-18 में संघ का व्यवसाय मात्र रू0 57.33 करोड़ था जो बढ़कर वर्ष 2023-24 में रू0 543.00 करोड़ पहुंच गया। उन्होंने कहा कि साल 2021-22 में संघ का व्यवसाय रू0 163.00 करोड़ था जो बढ़कर साल 2022-23 में रू0 285.00 करोड़ तथा साल 2023-24 में रू0 543.00 करोड़ पहुंच गया जो एक अभूतपूर्व उपलब्धि है। इसी प्रकार संघ का शुद्ध लाभ जो साल 2021-22 में रू0 11.39 करोड़ था वह साल 2022-23 में रू0 16.72 करोड़ तथा वर्ष 2023-24 में रू0 43.25 करोड़ पहुंच गया।
प्रबंध निदेशक राम प्रकाश ने बताया कि संस्था में प्रदेष स्तर पर 12 निर्माण प्रखण्ड स्थापित किये गये है, जिनके माध्यम से संघ को आवंटित समस्त निर्माण कार्यां का सम्पादन कराया जाता है। संस्था द्वारा वर्तमान में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, पषुपालन विभाग, कृषि विभाग, उद्यान विभाग, सहकारिता विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, बेसिक षिक्षा विभाग, पर्यटन विभाग, समाज कल्याण विभाग, जनजाति विभाग, प्राविधिक षिक्षा विभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, सैनिक कल्याण विभाग, संस्कृति विभाग, राजस्व विभाग, उच्च शिक्षा विभाग एवं आयुष विभाग आदि 18 विभागों के निर्माण कार्य सम्पादित कराये जा रहे है। संस्था द्वारा उ0प्र0 लोक निर्माण विभाग के दिषा-निर्देष के अनुसार निर्माण कार्य कराया जाता है। प्रबंध निदेशक ने बताया कि संस्था में एन0आई0सी0 के पोर्टल के माध्यम से ऑनलाईन ई-टेण्डर प्रणाली लागू की गयी है। संस्था में फर्मां,ठेकेदारों की ऑनलाईन ई-रजिस्ट्रेशन प्रणाली लागू की गयी है, जिससे रजिस्ट्रेषन में सुगमता, पारदर्षिता तथा सुचिता स्थापित हुयी। संस्था द्वारा कराये गये कार्यां की जांच जिलाधिकारियों द्वारा गठित जांच कमेटियों की सन्तोषजनक जांच आख्या प्राप्त हो जाने पर ही निर्माण कार्यां को हस्तगत कराया जाता है। संस्था में रू0 1.00 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजो व संस्थानों से शत प्रतिषत थर्ड पार्टी जांच कराये जाने की व्यवस्था लागू की गयी है। वहीं संस्था में मानव संसाधन विकास के अन्तर्गत कनिष्ठ लिपिक से वरिष्ठ लिपिक, वरिष्ठ लिपिक से कार्यालय अधीक्षक, आशुलिपिक से वैयक्तिक सहायक व अवर अभियन्ता से सहायक अभियन्ता तथा सहायक अभियन्ता से अधिशासी अभियन्ता पदों पर पदोन्नति की गयी, जिससे अधिकारियों में मनोबल वृद्धि तथा कार्यक्षमता में वृद्धि हुयी। संघ द्वारा निर्माण कार्यों में वर्ष 2022-23 में अकुशल श्रमिकों के लिए 706000 एवं कुशल श्रमिकों के लिए 353000, वर्ष 2023-24 में अकुशल श्रमिकों के लिए 1180688 एवं कुशल श्रमिकों के लिए 590344 तथा वर्ष 2024-25 में अकुशल श्रमिकों के लिए 1017931 एवं कुशल श्रमिकों हेतु 508965 मानव श्रम दिवसों का सृजन हुआ। इस प्रकार विगत 03 वर्षों में संघ द्वारा कुशल श्रमिकों को 1492309 (चौदह लाख बान्नवे हजार तीन सौ नौ) दिनों का अकुशल श्रमिकों को 29040619 (उनतीस लाख चार हजार छः सौ उन्नीस) दिनों का मानव श्रम दिवस उपलब्ध कराकर रोजगार प्रदान किया गया। कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन विभाग की महाप्रबंधक प्रशासन श्रीमती शैल कुमारी द्वारा किया गया।
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