स्पेशल सेशन के लिए विपक्ष है तैयार, सरकार को घेरने का रोडमैप तैयार

Getting your Trinity Audio player ready...

नई दिल्ली। संसद का विशेष सत्र सोमवार यानि आज से शुरू हो रहा है, जहाँ पांच दिनों तक चलने वाले संसद के विशेष सत्र के दौरान आजादी के बाद 75 साल की उपलब्धियों पर चर्चा की जाएगी तो केंद्र की मोदी सरकार को घेरने के लिए विपक्ष ने पूरी तैयारी कर रखी है। वहीं विशेष सत्र का पहला दिन पुराने संसद भवन में ही आयोजित होगा लेकिन दूसरे दिन से सत्र की कार्यवाही नए संसद भवन में की जाएगी। दूसरी ओर संसद भवन की बिल्डिंग भले ही नई हो लेकिन मुद्दे वही पुराने रहने वाले हैं।
इसके साथ ही संसद के विशेष सत्र के दौरान कुल 8 विधेयकों पर चर्चा और उन्हें पारित करने के लिए सूचीबद्ध किया गया है, 18 सितंबर से 22 सितंबर तक चलने वाले सत्र में विपक्ष का जोर महिला आरक्षण बिल पर है। कांग्रेस ने मोदी सरकार से महिला आरक्षण विधेयक लाने की मांग की थी, इसके साथ ही विपक्ष मणिपुर मुद्दे पर एक बार फिर से बीजेपी को घेरने की कोशिश करेगा।
कांग्रेस नेताओं के बयान और कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के द्वारा लिखे गए पत्र से संकेत मिले हैं, दूसरी ओर ससंद का विशेष सत्र बुलाए जाने को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा था। जहाँ विपक्ष की तरफ से कहा गया कि सरकार ने मणिपुर हिंसा और कोरोना काल में विशेष सत्र नहीं बुलाए, लेकिन अभी ऐसा क्या? जिसके लिए सरकार ने विशेष सत्र बुलाया है।
विपक्ष ने यह सवाल भी उठाए और सरकार की मंशा पर संदेह जाहिर करते हुए कहा कि विशेष सत्र बुलाए जाने का एजेंडा नहीं बताया गया। सोनिया गांधी के पत्र पर सरकार की तरफ से जवाब देते हुए केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा था कि शायद आपका ध्यान पररंपराओं की ओर नहीं है, आगे उन्होंने कहा कि पहले भी जब विशेष सत्र बुलाया गया तब विपक्ष से राय-मशविरा नहीं की जाती थी। वहीं विशेष सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाई जाती रही है, जिसमें सदन की कार्यवाही को लेकर चर्चा की जाती है।

Check Also

विश्व विरासत दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम

लखनऊ,(मॉडर्न ब्यूरोक्रेसी न्यूज)ः विश्व विरासत दिवस’ के अवसर पर क्षेत्रीय पुरातत्त्व इकाई, गोरखपुर द्वारा मगहर …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *