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लखनऊ,(मॉडर्न ब्यूरोक्रेसी न्यूज)। लखनऊ विश्वविद्यालय के विधि संकाय की विधिक सहायता केंद्र ने विधि संकाय के प्रमुख प्रोफेसर बी.डी. सिंह ने शैक्षणिक सत्र 2023-24 के नवागंतुक छात्र छात्राओं के लिए अपना अभिविन्यास कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में विधिक सहायता केंद्र ने अपने आदर्श वाक्य सभी के लिए न्याय तक समान पहुंच के बारे में बताया।
कार्यक्रम की शुरुआत केंद्र की सदस्या श्वेता सिंगार के द्वारा केंद्र और इसकी कार्यप्रणाली का संक्षिप्त परिचय देने के साथ हुई। सत्र में रिया गौतम ने केंद्र द्वारा आयोजित विभिन्न कार्यशालाओं और कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से बताया गया। लखनऊ में विभिन्न शिक्षण संस्थानों में आयोजित की गईं कार्यशालाएं में जो बच्चों के मध्य यौन अपराधओ के प्रति जागरूकता और सतर्कता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित की गईं। केंद्र विधिक साक्षरता कार्यक्रमों के द्वारा विद्यार्थियों और आम जनता को भारत के संविधान में निहित मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में शिक्षित करता है। इसके बाद अंशिका यथार्थ ने वैवाहिक बलात्कार, लिंग संवेदीकरण कार्यशाला, प्राइड परेड और अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस उत्सव पर किए गए सर्वेक्षण के बारे में विस्तार से जानकारी दी । सत्र में आगे दानिश ने उपस्थित लोगों को जिला जेल लखनऊ में जेल यात्रा और गोहना कलां और रसूलपुर कायस्थ गांव में ग्राम यात्रा के बारे में बताया। वहीं कोमल तिवारी ने मानवाधिकार दिवस पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी, जिला न्यायालय में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत और रक्तदान शिविर के बारे में बताया। वहीं रिया मिश्रा ने केंद्र की चयन प्रक्रिया के विभिन्न चरणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जिसके माध्यम से कोई भी विद्यार्थी विधिक सहायता केंद्र की सदस्यता के लिए आवेदन कर सकता है।
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