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मुख्यमंत्री ने लन्दन तथा दुबई के लिए आम निर्यात के लिए कन्टेनर को झण्डी दिखाकर रवाना किया

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लखनऊ,(मॉडर्न ब्यूरोक्रेसी न्यूज)ः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आम महोत्सव-2025 प्रधानमंत्री के विजन को धरातल पर उतारकर किसानों की आमदनी को कई गुना बढ़ाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है। डबल इंजन सरकार द्वारा प्रदेश के आम निर्यात को बढ़ावा देकर अन्नदाता किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है। यह आम महोत्सव अन्नदाता किसानों के लिए आमों की विभिन्न प्रजातियों के उत्पादन, बाजार व निर्यात की उत्तम व्यवस्था, औद्यानिक फसलों तथा तकनीक के विषय में जागरूकता उत्पन्न करने का माध्यम बनता जा रहा है।
मुख्यमंत्री आज यहां अवध शिल्पग्राम में 04 से 06 जुलाई, तक चलने वाले तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश आम महोत्सव-2025 का शुभारम्भ करने के पश्चात अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने लंदन तथा दुबई के लिए आम निर्यात के लिए कन्टेनर को झण्डी दिखाकर रवाना किया। उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की आम महोत्सव-2025 पर आधारित स्मारिका का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के प्रगतिशील किसानों, बागवानों तथा निर्यातकों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बागवानों को सुविधा प्रदान करने के लिए प्रदेश में लखनऊ, अमरोहा, सहारनपुर तथा वाराणसी में पैक हाउस सफलतापूर्वक कार्य कर रहे हैं। इन पैक हाउसों में औद्यानिक फसलों से जुड़े किसानों को प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्हें निर्यात के लिए आम की गुणवत्ता तथा अन्य जानकारियां भी दी जाती हैं। आम के निर्यात में पालन की जाने वाली प्रक्रियाओं के अनुरूप समस्त तैयारियां करायी जाती हैं। प्रदेश के किसान व बागवान विपरीत मौसम व ग्लोबल वॉर्मिंग की चुनौतियों के बावजूद अपनी मेहनत तथा उन्नत तकनीक का प्रयोग कर इस दिशा में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के किसान नवाचार व कृषि आधुनिकीकरण का प्रयोग कर कई गुना मुनाफा कमा रहे हैं। आम महोत्सव व प्रदर्शनी के माध्यम से किसानों की मेहनत को भलीभांति देखा जा सकता है। किसानों द्वारा विभिन्न देशों में आमों का निर्यात किया जा रहा है। इसके लिए किसानों को सब्सिडी भी दी जाती है। निर्यात के माध्यम से प्रदेश के किसानों को आमों व अन्य उत्पादों की अच्छी कीमत प्राप्त होती है। प्रदेश के किसान विकास प्रक्रिया से जुड़कर विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने में लगातार योगदान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि उत्पादन बढ़ने से प्रदेश व किसान दोनों को लाभ होता है तथा देश व प्रदेश के विकास में भी सहायता मिलती है। उन्हें विकसित कृषि संकल्प अभियान के अन्तर्गत प्रदेश के विभिन्न जनपदों में जाकर कृषि से सम्बन्धित विभिन्न उत्पादों को देखने का अवसर प्राप्त हुआ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान कृषि कार्यों में आधुनिक तकनीक का प्रयोग कर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य व पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा बुन्देलखण्ड में परिस्थितियां अलग हैं। बुन्देलखण्ड क्षेत्र में कृषि को नये आयाम प्रदान करने और सिंचाई की समस्या से निजात दिलाने हेतु अर्जुन सहायक नहर परियोजना कारगर सिद्ध हुई है। इसी प्रकार बाण सागर परियोजना के माध्यम से विन्ध्य क्षेत्रांे में तथा सरयू नहर परियोजना के माध्यम से पूर्वी उत्तर प्रदेश के किसानों को जल की समस्या से निजात मिली है। इन क्षेत्रों में किसान अब बहुफसली व सहफसली खेती कर लाभ प्राप्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरदोई तथा कानपुर आदि जनपदों के भ्रमण के दौरान किसानों से संवाद कर उन्हें पता चला कि कृषि क्षेत्रों में हुए नवाचार तथा आधुनिकीकरण से किसानों की आय बढ़ी है। किसान एक एकड़ क्षेत्रफल में मक्के की खेती कर लगभग 01 लाख रुपये तक का शुद्ध लाभ प्राप्त कर रहे हैं। कृषि क्षेत्रों में विकासात्मक एवं सुधारात्मक कार्यों के अन्तर्गत विभिन्न जनपदों में सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कृषि विज्ञान केंद्र नये तरीके से कार्य कर रहे हैं। इन्हीं तरीको को आगे बढ़ाने के लिए उद्यान विभाग, वन विभाग और अन्य निजी क्षेत्र की सहभागिता से प्रदेश में फलदार, इमारती लकड़ी, छायादार, पर्यावरण अनुकूल व औषधीय वृक्ष के लिए वर्ष 2017 में व्यापक वृक्षारोपण अभियान आगे बढ़ाया गया था। इस बार हम सभी ‘एक पेड़ माँ के नाम‘ महाअभियान के साथ वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम से जुड़ने वाले हैं। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए 50 करोड़ पौधे रोपण के लिए तैयार किये गये हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि आगामी 09 जुलाई को प्रत्येक व्यक्ति ‘एक पेड़ माँ के नाम‘ अवश्य लगाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां आयोजित आम महोत्सव में आगामी 03 दिनों तक अलग-अलग कार्यक्रम सम्पन्न होंगे। इसमें अनेक प्रकार की संगोष्ठियाँ व बायर-सेलर्स मीट आयोजित की जाएंगी। साथ ही, कृषि वैज्ञानिकों व प्रगतिशील कृषकों द्वारा अपने अनुभव को भी साझा किया जाएगा। यदि हम सब इस कार्यक्रम के साथ जुड़ेंगे तो इसका लाभ हमारे अन्नदाता किसान प्राप्त करने में सफल होंगे। इस आम महोत्सव में प्रदेश के लोगों को सम्मिलित होना चाहिए। प्रदेश में मण्डल स्तर पर भी दो दिवसीय आम महोत्सव का आयोजन होना चाहिए, जहां स्थानीय स्तर पर किसान अपने आमों का प्रदर्शन कर सकें। किसानों के आने-जाने तथा रहने की व्यवस्था की जानी चाहिए। वहां बायर-सेलर्स मीट तथा वैज्ञानिकों की गोष्ठी भी होनी चाहिए। वाराणसी में लंगड़ा, गोरखपुर में गौरजीत, बस्ती में आम्रपाली, लखनऊ में दशहरी, मेरठ-बागपत में रटौल सहित अमरोहा-सहारनपुर आदि जनपदों में भी आम की अनेक प्रजातियाँ उत्पादित की जा रही हैं।

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