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नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी और भारतीय गठबंधन पार्टियों के 20 सांसदों ने आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। सभी सांसदों ने मणिपुर की स्थिति पर उनके हस्तक्षेप की मांग की है। इसके अलावा मणिपुर की स्थिति पर विपक्षी गठबंधन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक ज्ञापन सौंपा है।
मुर्मू को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि हम बिना किसी देरी के राज्य में शांति और सद्भाव स्थापित करने के लिए आपसे (राष्ट्रपति) तत्काल हस्तक्षेप का अनुरोध करते हैं। प्रभावित समुदायों को न्याय प्रदान करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार दोनों को अपना कर्तव्य पूरा करना चाहिए। हम आपसे निवेदन करते हैं कि आप प्रधानमंत्री पर मणिपुर की मौजूदा स्थिति पर संसद को तत्काल संबोधित करने के लिए दबाव डालें, जिसके बाद इस मामले पर एक विस्तृत और व्यापक चर्चा हो। मुर्मू से मुलाकात से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि वह आज राष्ट्रपति से मिलेंगे और मणिपुर की स्थिति और यात्रा के अनुभवों से अवगत कराएंगे। वहीं, अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि हम राष्ट्रपति के ध्यान में मणिपुर की स्थिति और राज्य की यात्रा के अपने अनुभवों को सामने लाना चाहते हैं।
उल्लेखनीय है कि विपक्षी गठबंधन के 21 सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल जमीनी स्थिति का आकलन करने के लिए दो दिवसीय दौरे पर मणिपुर पर गया था, जो 29-30 जुलाई वापस दिल्ली लौटा है। विपक्षी दलों के सांसदों ने जातीय हिंसा के पीडि़तों से मिलने के लिए कई राहत शिविरों का दौरा किया था। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल चूड़चंदपुर में राहत शिविरों में रह रहे कुकी समुदाय के पीडि़तों से मिला।
लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों का दल मणिपुर गया था। माना जा रहा है कि विपक्षी नेता प्रतिनिधिमंडल के दौरे के आधार पर तैयार की गई अपनी एक रिपोर्ट सौंपने के साथ मणिपुर में हालात सामान्य करने के लिए कुछ ठोस कदम उठाने के सुझाव भी राष्ट्रपति को सौंपेंगे। आईएनडीआईए की ओर से राष्ट्रपति को मणिपुर पर एक ज्ञापन भी सौंपा जाएगा, जिसमें राज्य सरकार को बर्खास्त करने की मांग भी शामिल रहेगा।
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