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ठाणे। ठाणे में समृद्धि एक्सप्रेस हाईवे के तीसरे चरण के निर्माण में इस्तेमाल की जाने वाली गर्डर लॉन्चर मशीन के ढह जाने से कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई और तीन घायल हो गए। हादसा मंगलवार तडक़े हुआ। हादसे के वक्त ठाणे के सरलांबे गांव के पास एक पुल का निर्माण कार्य चल रहा था। मृतकों के अलावा कई अन्य लोगों के मलबे के नीचे फंसे होने की आशंका है।
गर्डर मशीन को जोडऩे वाली क्रेन और स्लैब 100 फीट की ऊंचाई से गिर गए, जिससे बड़ा हादसा हो गया। मृतकों के शवों के साथ-साथ घायलों को भी स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। महाराष्ट्र के मंत्री रवींद्र चौहान ने कहा है, 17 लोगों की मौत हो गई, जिसमें छह इंजीनियर थे और तीन लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जल्द ही जांच शुरू की जाएगी और पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि यह हादसा क्यों हुआ।
पुलिस कर्मी, एनडीआरएफ कर्मी और अग्निशमन अधिकारी बचाव और राहत कार्य में लगे हुए हैं। आशंका है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। मशीन का उपयोग राजमार्ग और हाई-स्पीड रेल पुल निर्माण परियोजनाओं में प्रीकास्ट बॉक्स गर्डर्स स्थापित करने के लिए किया जाता है। समृद्धि महामार्ग, जिसका नाम हिंदू हृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे महाराष्ट्र समृद्धि महामार्ग है, मुंबई और नागपुर को जोडऩे वाला 701 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे है।
ईडी के फैसले के खिलाफ उद्धव ठाकरे गुट की याचिका पर तत्काल सुनवाई से न्यायालय का इनकार
नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को असली शिवसेना के रूप में मान्यता देने और उसे पार्टी का चुनाव चिह्न ‘धनुष एवं बाण’ आवंटित करने के निर्वाचन आयोग के फैसले के खिलाफ दायर पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से मंगलवार को इनकार कर दिया। वकील अमित आनंद तिवारी ने तत्काल सुनवाई का अनुरोध करते हुए प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ के समक्ष इस मामले का जिक्र किया। इस पीठ में न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा भी शामिल हैं। पीठ ने कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर पर संविधान पीठ के फैसले का इंतजार करें और हम तारीख देंगे।’’
याचिका में दावा किया गया है कि निर्वाचन आयोग ने यह फैसला सुनाकर गलती की कि दसवीं अनुसूची के तहत अयोग्यता और चुनाव चिह्न आदेश के तहत कार्यवाही अलग-अलग क्षेत्रों में काम करती है और विधायकों की अयोग्यता किसी राजनीतिक दल की सदस्यता की समाप्ति पर आधारित नहीं है। इसमें कहा गया है कि निर्वाचन आयोग ने यह मानकर गलती की कि शिवसेना विभाजित हो गई है। निर्वाचन आयोग ने एकनाथ शिंदे-गुट को असली शिवसेना के रूप में मान्यता दी थी और दिवंगत बालासाहेब ठाकरे द्वारा स्थापित पार्टी का चुनाव चिह्न ‘धनुष और बाण’ उसे आवंटित किए जाने का आदेश दिया था।
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